:
Breaking News

Bihar Politics: छात्रों की गिरफ्तारी पर तेजस्वी की सरकार को अंतिम चेतावनी, रिहाई नहीं हुई तो बड़े आंदोलन का ऐलान

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar: बिहार बंद के दौरान छात्रों की गिरफ्तारी और सीवान फायरिंग विवाद को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार को अंतिम चेतावनी दी। उन्होंने रात तक छात्रों की रिहाई और मुकदमे वापस लेने की मांग करते हुए बड़े आंदोलन का ऐलान किया।

पटना। आलम की खबर: बिहार बंद के बाद छात्रों की गिरफ्तारी और सीवान में कथित AK-47 फायरिंग के मुद्दे पर बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए स्पष्ट कहा कि यदि आज शाम या देर रात तक गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया गया और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो विपक्ष पूरे बिहार में व्यापक आंदोलन शुरू करेगा।

पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध कर रहे छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। उनका कहना था कि केंद्र के वरिष्ठ नेताओं की ओर से छात्रों पर कार्रवाई नहीं करने की बात कही गई थी, लेकिन बिहार में इसका उल्टा देखने को मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आश्वासन दिया गया था तो फिर छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग क्यों किया गया।

तेजस्वी यादव ने सीवान की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि सामने आए वीडियो गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उनके अनुसार इस पूरे मामले की निष्पक्ष और न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फायरिंग के आदेश किस स्तर से दिए गए। उन्होंने कहा कि केवल संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर देने से जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। पूरे घटनाक्रम की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि बिहार के कई जिलों में प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और बड़ी संख्या में युवाओं को हिरासत में लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई अभिभावकों को यह तक जानकारी नहीं है कि उनके बेटे-बेटियों को कहां रखा गया है। सरकार को इस पर तत्काल स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि भीड़ नियंत्रण के लिए तय प्रोटोकॉल का पालन होना चाहिए था, लेकिन कई स्थानों पर उसका उल्लंघन हुआ। लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों की आवाज सुनने के बजाय बल प्रयोग करना उचित नहीं माना जा सकता। सरकार को इस पूरे मामले में पारदर्शिता दिखानी चाहिए।

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सीधे जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि गृह विभाग भी मुख्यमंत्री के पास है, इसलिए इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार की जवाबदेही बनती है। उन्होंने कहा कि यदि निर्दोष छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए और गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो विपक्ष राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगा।

उन्होंने सरकार से अपील की कि तनाव बढ़ाने के बजाय संवाद का रास्ता अपनाया जाए। उनका कहना था कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन को अपराध की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। विपक्ष छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक मंच पर आवाज उठाएगा।

फिलहाल सरकार की ओर से इस चेतावनी पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। आने वाले घंटों में छात्रों की रिहाई और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।

यह भी पढ़ें

बिहार बंद के दौरान कई जिलों में प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 100 दिन: सरकार की उपलब्धियां और विपक्ष के सवाल

विशेष टिप्पणी

बिहार में छात्र आंदोलनों का राजनीतिक प्रभाव हमेशा व्यापक रहा है। मौजूदा विवाद भी केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सरकार और विपक्ष के बीच बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार गिरफ्तार छात्रों और दर्ज मुकदमों को लेकर क्या फैसला लेती है। यदि दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम रहते हैं तो आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और अधिक गर्माने की संभावना है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *